शनिवार, 14 फ़रवरी 2009

बंद गलियों से आगे


बंद गलियों से आगे मुकाम होता है
तेरी हिम्मत का जवाब होता है

तंगहाली ही सब्रोइम्तिहान होता है
राह काँटों से सजी फूल पैगाम होता है

उठते क़दमों से चलने का गुमान होता है
तूफानों के बाद ही आराम होता है

दम लगा कर ही कोई दमदार होता है
तेरा दम भी तेरा मेहनताना होता है

बंद गलियों के आगे मुकाम होता है
तेरी हिम्मत का जवाब होता है

2 टिप्‍पणियां:

  1. बंद गलियों से आगे मुकाम होता है
    तेरी हिम्मत का जवाब होता है
    बहुत बढियां पंक्तियाँ आभार

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मैं भी औरों की तरह , खुशफहमियों का हूँ स्वागत करती
मेरे क़दमों में भी , यही तो हैं हौसलों का दम भरतीं