सोमवार, 28 सितंबर 2020

जन्मदिन मुबारक 

 

तुम इस तरह आओ के मँगल कलश छलके 
मेरे घर में ख़ुशी ही ख़ुशी चहके 

ताउम्र रहे साथ तुम्हारे मेरा प्यार 
मेरी दुआओं का असर बन के 

हर तरफ हो सितारों का मेला 
तुम्हारी हँसी झन्कार सी खनके 

वफ़ा के रँग ने नवाज़ा  तुम्हें 
तुम्हारे चारों तरफ कोई फ़िज़ाँ महके 

आज का दिन मुबारक हो तुम्हें 
नन्हीं परी सी आईं थीं तुम खुशियाँ ही खुशियाँ ले के 

4 टिप्‍पणियां:

मैं भी औरों की तरह , खुशफहमियों का हूँ स्वागत करती
मेरे क़दमों में भी , यही तो हैं हौसलों का दम भरतीं