सोमवार, 13 सितंबर 2010

दम बड़ा लगता है


इसे जरा ' प्यार का पहला ख़त लिखने में वक्त तो लगता है ' की तर्ज पर गुनगुनाएँ ...


उधड़े रिश्ते सिलने में वक्त तो लगता है
बिखरे तिनके चुनने में वक्त तो लगता है

उलझ गए हैं मन के धागे
सुलझाने में , रेशमी गाँठें फिर खुलने में वक्त तो लगता है
बिखरे तिनके चुनने में वक्त तो लगता है

बिखर गए जो अरमाँ अपने
उजड़ी बस्ती , वीराने को फिर बसने में वक्त तो लगता है
बिखरे तिनके चुनने में वक्त तो लगता है

प्यार का पहला ख़त ये नहीं है
बिखरी उमंगें , फिर चुनने में दम बड़ा लगता है
बिखरे तिनके चुनने में वक्त तो लगता है

उधड़े रिश्ते सिलने में वक्त तो लगता है
बिखरे तिनके चुनने में वक्त तो लगता है

21 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया प्रस्तुति ....
    अच्छी पंक्तिया सृजित की है आपने ........
    भाषा का सवाल सत्ता के साथ बदलता है.अंग्रेज़ी के साथ सत्ता की मौजूदगी हमेशा से रही है. उसे सुनाई ही अंग्रेज़ी पड़ती है और सत्ता चलाने के लिए उसे ज़रुरत भी अंग्रेज़ी की ही पड़ती है,
    हिंदी दिवस की शुभ कामनाएं

    एक बार इसे जरुर पढ़े, आपको पसंद आएगा :-
    (प्यारी सीता, मैं यहाँ खुश हूँ, आशा है तू भी ठीक होगी .....)
    http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/09/blog-post_14.html

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  2. बहुत सुंदर गीत लिखा शारदा जी .....
    ये ग़ज़ल हस्ती मल हस्ती की लिखी हुई है ...जिसे जगजीत सिंह जी ने आवाज़ दी ......!!

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  3. उधड़े रिश्ते सिलने में वक्त तो लगता है
    बिखरे तिनके चुनने में वक्त तो लगता है

    इन पंक्तियों को पढ़ते पढ़ते पूरी ग़ज़ल सामने आ गयी ... लाजवाब पंक्तियाँ है आपकी ....

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  4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  5. बहुत ही भावपूर्ण गीत लिखा हैँ आपने । बधाई! -: VISIT MY BLOG :- (1.) जिसको तुम अपना कहते हो..........कविता को पढ़कर तथा Mind and body researches.......ब्लोग को पढ़कर अपने अमूल्य विचार व्यक्त करने के लिए आप सादर आमंत्रित हैँ। आप उपरोक्त लिखी कविता की पंक्ति पर क्लिक कर सकती हैँ।

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  6. उधड़े रिश्ते सिलने में वक्त तो लगता है
    बिखरे तिनके चुनने में वक्त तो लगता है
    एक एक बात सोलह आने सत्य दिल पर से गुजरती हुई कानों में ठहर गयी है

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  7. bikhre tinke chunane me to vakt lagta hai.....:)
    badi pyari see baat kahi aapne, badhai...:)

    ab follow kar raha hoon, barabar aate rahunga...!!

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  8. सच कहा……………वक्त तो लगता है क्योंकि हर गम का इलाज वक्त ही करता है तो फिर रिश्ता कैसा भी हो वक्त तो लगेगा ही।

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  9. बहुत सुंदर गीत लिखा है । सच को बयान करती सुन्दर प्रस्तुति।

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  10. उधड़े रिश्ते सिलने में वक्त तो लगता है
    बिखरे तिनके चुनने में वक्त तो लगता है
    .....bahut sundar pankiyan.. bahut achhi bhavpurn rachna...dhanyavaad

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  11. इस बेहद सुन्दर और प्रभावी गीत के लिए सादर बधाई प्रेषित है कृपया स्वीकार करें........!!

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  12. आपकी शख्सियत औरों से कुछ जुदा सी लगती है ..........आप काफी creative है .....ये प्रयास बहुत ही अच्छा लगा ........सुभानाल्लाह |

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मैं भी औरों की तरह , खुशफहमियों का हूँ स्वागत करती
मेरे क़दमों में भी , यही तो हैं हौसलों का दम भरतीं