रविवार, 8 अगस्त 2021
इतनी सी ज़िन्दगी
मंगलवार, 25 मई 2021
बचपन की महक
सुनो वीना.... ऐ दोस्त ,तकरीबन साढ़े चार दशकों के बाद तुमसे मिलने का इन्तज़ार , आँखों में बसी उस उम्र की कमनीयता , दिल में बसा वही सौन्दर्य..... उस उम्र में जब मैं दूसरे शहर से स्कूल में नई-नई आई थी , तुम्हारा अपना ग्रुप था ..... तुम , सीता ,अमृत ,आशा गाबा ,निर्दोष , मधु ,कमल ,पुष्पा ,अनीता, सब। कितने अपनत्व से तुम सबने मुझे गले लगा लिया था। वैसा फिर कम ही हुआ। लोग दूसरे के बारे में एक राय कायम किये रहते हैं और एक नट-शैल के अन्दर रहते हैं।
रविवार, 2 मई 2021
कोरोना
उम्र ये किस मुक़ाम पर है
दुनिया ढलान पर है
हर तरफ़ है बदहवासी
सीने में कुछ उफान पर है
बह न जाये कहीं मनोबल
तेरी बस्ती तूफ़ान पर है
प्रार्थना में है बड़ा बल
दिल में वही रख जो ज़ुबान पर है
आज वो है कल मैं निशाना
कोई शिकारी मचान पर है
आहों पर खड़ा न कर महल
ये तिलस्म शमशान पर है
जो गये उनका शोक मनायें के ज़िन्दों की खैर करें
मेरे मौला , ये कौन सी मुसीबत जहान पर है
दुआ और दवा का मेल हो
मन का पंछी उड़ान पर है
शुक्रवार, 8 जनवरी 2021
अहसास की स्याही
शुक्रवार, 1 जनवरी 2021
नया साल है ,नई बात हो
बुधवार, 18 नवंबर 2020
जिन्दा रखिये
सो न जाये इंसानियत कहीं
सीने में ज़मीर को जिन्दा रखिये
कितना भी कटु हो इतिहास
अपने आज को जिन्दा रखिये
वक्त के साथ बदल जाता है बहुत कुछ
मगर यादों में उल्लास को जिन्दा रखिये
मर न जाये कहीं बेवक्त अहसास
अपनी आवाज को जिन्दा रखिये
खो न जाये वो नफासत ,नजाकत
सँगीत भरे माहौल को जिन्दा रखिये
होती है जिन्दगी किन्हीं दुआओं का असर
अपनों की महक को जिन्दा रखिये
खो गया है बचपन तो कहीं बहुत पीछे
सीने में मगर नन्हें बच्चे को जिन्दा रखिये
रविवार, 8 नवंबर 2020
बेटे का जन्मदिन
मेरी शान भी तू, मेरी पहचान भी तू
मेरी साँसों में बसी , मेरी जान भी तू
दिल से दिल की है राह सदा उजली
और तो और मैंने अपनी ही सूरत तुझमें देखी सदा
मेरे जीने के बहानों का अरमान भी तू
मेरे कदमों के नीचे न थी कोई जमीं
ओढ़ा कर जो तू लाया मुझे आसमाँ , मैंने देखा
मेरे कदमों का दम , अभिमान भी तू
जिन्दगी से नहीं है कोई गिला
जो न पाया वो नहीं था मेरा, जो पाया
जो पाया वो है बहुत , आसमान भी तू , मेरी उड़ान भी तू


